Friday, January 14, 2011

vandana

     vandana  

images of Radha Krishna
        hey  kripanidhaan; karuna ki khan,
   
tujhme hai adbhut; shakti-gyaan.

    Tujhse hi chalta; ye srasti-yaan,

      Tujhme hi samahit; vishwa-mahaan.



Soorya ban; is vasundhara ko,
                               
Karta to hi; dedipyamaan.

Megh ban; nij kalmia se ,

Dhak leta; tu hi aasmaan.


Daya ,kshama; karuna; ke sagar 

Tu hai aparmit; gudon ki khan.

Mai anuragi; vivekheen nar

Kaise karu; tera bakhan. 
   

 Ho hamari;anurakti tujhme,

  Karu mai ; tera hi gungaan
               
Aisee mujhko; shakti de prabhu,

Japu sada; tera hi naam.


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19 comments:

  1. "ऐसी मुझको शक्ति दो प्रभु
    जपूं सदा तेरा ही नाम"

    जय श्री कृष्ण

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  2. श्री कृष्ण जी तो मानव थे। इस बात की खोज अनिवार्य है कि श्री कृष्ण जी के समय में कौन भगवान थे।

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  3. सुशीला जी,
    नमस्ते, बहुत सुंदर गुणगान किया है जग के पालनहार का, इस कविता में ,
    बधाई स्वीकार करें
    सुरिन्दर रत्ती
    मुंबई

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  4. hi
    surindarji ,namaskar
    very very thanks,i hope aage bhi aap mera utsaahvardhan karenge.

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  5. इतनी सुन्दर वंदना रोमन अक्षरों में क्यों?

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  6. कान्हा की सुंदर स्तुति ..... बहुत बढ़िया

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  7. "ऐसी मुझको शक्ति दो प्रभु
    जपूं सदा तेरा ही नाम"

    बहुत बढ़िया

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  8. bahut khoob, prabhu ka bahut hi pyara gungaan kiya hai apne

    parh kar accha laga.

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  9. आनंददायक प्रस्तुति के लिए आपका आभार

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  10. Dr.Sushilaji bahut bahut sunder likha hai. jai sri krishna.

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  11. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति दी है आपने,,,,,अगर इसे हिंदी भाषा में लिखते तो और सुंदरता बढती........जय श्री कृष्ण

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  12. सुशीला जी......हमारे ब्लॉग पर आने का और हौसला बढ़ने का तहेदिल से शुक्रिया..........आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा......बहुत अच्छा लिखा है आपने....अगर हो सके तो हिंदी में टाइप करके लिखे तो ज्यादा बेहतर लगेगा|

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  13. me kahi or hu islye or computer me kuch problem hai isliye hidni me diya nahi likh paa raha..magar aacha lagta agar aap hindi me hi apna parichay or bhajag likhti

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  14. नमस्कार....
    बहुत ही सुन्दर लेख है आपकी बधाई स्वीकार करें
    मैं आपके ब्लाग का फालोवर हूँ क्या आपको नहीं लगता की आपको भी मेरे ब्लाग में आकर अपनी सदस्यता का समावेश करना चाहिए मुझे बहुत प्रसन्नता होगी जब आप मेरे ब्लाग पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँगे तो आपकी आगमन की आशा में पलकें बिछाए........
    आपका ब्लागर मित्र
    नीलकमल वैष्णव "अनिश"

    इस लिंक के द्वारा आप मेरे ब्लाग तक पहुँच सकते हैं धन्यवाद्

    1- MITRA-MADHUR: ज्ञान की कुंजी ......

    2- BINDAAS_BAATEN: रक्तदान ...... नीलकमल वैष्णव

    3- http://neelkamal5545.blogspot.com

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  15. यह भजन गुनगुनाना अच्छा लगा।

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  16. बहुत सुन्दर प्रस्तुति !
    आभार !
    मेरे ब्लॉग पे आपका स्वागत है !

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